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February, 2018

Writer

Short Story

Box of Chocolates

हर तीसरे बंदे की कहानी

आज फिर वह आ गई सामने, महकती हुई
सोचा दिल में जो है वह इसी वक़्त कहा जाए
बस उसकी आँखों में, मैं उलझ यूँ गया
फिर सोचा, यार आज नहीं, कल कहा जाए

आज physics lab में, partner वह बन गई
सोचा मौक़ा उठाया जाए, दिल में जो है आज बताया जाए
बस उसकी हँसी में, मैं उलझ यूँ गया
फिर सोचा, आज नहीं, कल कहा जाए

आज picnic से लौटते वक़्त, कंधे पर सर रखकर वह सो गई
सोचा उसे उठाया जाए, दिल में जो है, आज बताया जाए
उसके बालों की ख़ुशबू में, मैं उलझ यूँ गया
फिर सोचा, आज नहीं, कल कहा जाए

आज farewell party के बाद, कुछ कहे बिना ही बहुत कुछ बोल गई
सोचा आज यह काम किया ही जाए, दिल में जो चढ़ाया है, आज उतारा ही जाए,
पर उसकी अनकही बातों में, मैं उलझ यूँ गया
फिर सोचा, आज नहीं, कल कहा जाए

उसको मंडप में देखता हूँ, आँखें मेरी नाम है
होटों पे मुस्कान है, दिल में अजीब सा ग़म है
सोचा आज तो उसको सब बोल दूँ, दिल में जो है आज सब कह दूँ,
फिर सोचा, आज नहीं, अब बस चुप ही रहा जाए